पिछले कुछ दिनों से Vrindavan के प्रसिद्ध संत Premanand Maharaj Ji की तबियत को लेकर social media पर लगातार चर्चा बनी हुई है। हाल ही में viral हुए एक video में Premanand Maharaj Ji के चेहरे पर सूजन और आंखों में लालपन दिखाई दिया, जिसके बाद भक्तों में चिंता की लहर दौड़ गई।
Premanand Maharaj Ji Health: Official Statement from the Ashram
इस बीच श्री हित राधा केली कुंज आश्रम की ओर से एक official बयान जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि Premanand Maharaj Ji स्वस्थ हैं और अपना नियमित दिनचर्या (daily routine) जारी रखे हुए हैं। हालांकि, उनकी सुबह की पदयात्रा (morning walk) को फिलहाल स्वास्थ्य कारणों से स्थगित कर दिया गया है।
आश्रम प्रशासन ने भक्तों से अनुरोध किया है कि वे किसी भी तरह की अफवाह (rumour) पर विश्वास न करें और केवल official सूचना पर भरोसा रखें। उन्होंने यह भी कहा कि महाराज जी के स्वास्थ्य को लेकर फैल रही झूठी खबरें न केवल गलत हैं बल्कि श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत भी करती हैं।

Premanand Maharaj Ji’s own statement
महाराज जी ने खुद अपने स्वास्थ्य को लेकर कहा था – “दोनों kidney fail हैं, ठीक क्या होना है, अब तो जाना है। अब ठीक होने को कुछ नहीं बचा।”
यह वाक्य सुनकर लाखों भक्त भावुक हो गए। कई भक्तों ने kidney दान करने की इच्छा भी जताई, लेकिन Premanand Maharaj Ji ने यह कहते हुए इन सभी प्रस्तावों को अस्वीकार कर दिया कि वे किसी को दर्द नहीं देना चाहते।

Premanand Maharaj Ji Dialysis and Health Condition
Reports के अनुसार, Premanand Maharaj Ji पिछले करीब 18 वर्षों से kidney failure की समस्या से जूझ रहे हैं। पहले उन्हें हफ्ते में पांच बार dialysis की आवश्यकता होती थी, लेकिन अब उनकी तबियत को देखते हुए यह dialysis प्रतिदिन की जा रही है।
महाराज जी का कहना है कि वे hospital में भर्ती नहीं हैं, बल्कि घर पर ही इलाज करा रहे हैं। उन्होंने भक्तों से यह भी अपील की है कि वे किसी भी तरह की fake news पर भरोसा न करें।
Devotees’ Emotions and Prayers
महाराज जी के लाखों भक्त देश-विदेश में मौजूद हैं। हर कोई उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थना कर रहा है। Social Media पर भक्तों ने उनके लिए कई #GetWellSoon और #PrayersForPremanandMaharaj जैसे hashtags चलाए हैं।
एक वीडियो ने लोगों का दिल छू लिया, जिसमें एक मुस्लिम युवक सुफियान इलाहाबादी ने मदीना की पवित्र ज़मीन पर खड़े होकर अल्लाह से प्रार्थना की कि “भारत के महान संत प्रेमानंद महाराज जी जल्द स्वस्थ हों ताकि वे अपने भक्तों का मार्गदर्शन जारी रख सकें।”
यह Video यह संदेश देता है कि इंसानियत धर्म से ऊपर है।
Who is Premanand Maharaj Ji?
Premanand Maharaj Ji, जिनका असली नाम Aniruddh Kumar Pandey है, उत्तर प्रदेश के कानपुर ज़िले के सरसौल block में जन्मे थे। केवल 13 साल की उम्र में उन्होंने घर त्याग दिया और अपने दादा के पदचिह्नों पर चलते हुए सन्यासी जीवन अपना लिया।
उन्हें राधावल्लभी सम्प्रदाय में “शरणागति मंत्र” प्राप्त हुआ, जिसके बाद वे धीरे-धीरे विश्व स्तर पर एक प्रसिद्ध संत बन गए। आज वे वृंदावन के उन संतों में से हैं जिनके प्रवचन (satsangs) सुनने देश-विदेश से हजारों लोग आते हैं।

Famous Personalities Who Met Premanand Maharaj Ji
महाराज जी के प्रति श्रद्धा केवल आम लोगों में ही नहीं बल्कि कई प्रसिद्ध हस्तियों में भी है।
Virat Kohli, Anushka Sharma, Hema Malini, Mohan Bhagwat, और The Great Khali जैसे कई बड़े नाम वृंदावन आश्रम में उनसे मिलने आ चुके हैं।
यह इस बात का प्रमाण है कि Premanand Maharaj Ji का प्रभाव केवल अध्यात्मिक क्षेत्र तक सीमित नहीं है बल्कि समाज के हर वर्ग में फैला हुआ है।
Maharaj Ji’s Daily Routine Amid Health Issues
भले ही स्वास्थ्य की स्थिति कमजोर हो, लेकिन महाराज जी का अनुशासन (discipline) और भक्ति आज भी अटल है। वे हर दिन तड़के करीब 2 बजे उठते हैं, ध्यान करते हैं और भक्तों के साथ satsang करते हैं।

उनका भोजन बेहद सीमित है – आधी रोटी और थोड़ा सा सब्जी, लेकिन उनका कहना है कि “शक्ति भोजन से नहीं, भक्ति से मिलती है।”
महाराज जी अपने दिन का अधिकतर समय राधा नाम जप और ध्यान में व्यतीत करते हैं।
Understanding Kidney Failure
Kidney शरीर से toxins और अनावश्यक पदार्थ निकालने का कार्य करती है। जब यह ठीक से काम नहीं करती तो शरीर में waste जमा होने लगता है, जिससे कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।

Kidney Fail होने के कुछ प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं:
- बार-बार या बहुत कम पेशाब आना
- हाथ-पैर या चेहरे पर सूजन
- थकान या कमजोरी महसूस होना
- भूख में कमी
- उल्टी की समस्या
ऐसी स्थिति में dialysis की आवश्यकता पड़ती है, जिसमें मशीन के जरिए शरीर से waste और toxins निकाले जाते हैं।
Spiritual Strength and Devotion
गंभीर बीमारी के बावजूद Premanand Maharaj Ji का अध्यात्मिक उत्साह कम नहीं हुआ है। वे कहते हैं कि “शरीर तो नश्वर है, लेकिन आत्मा अमर है। जब तक सांस है, राधा नाम का जाप चलता रहेगा।”
उनका जीवन आज लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन चुका है कि कठिन परिस्थितियों में भी भक्ति और विश्वास इंसान को मजबूत बनाए रखता है।
Conclusion: Faith Beyond Pain
आज प्रेमानंद महाराज जी केवल एक संत नहीं, बल्कि आस्था और धैर्य के प्रतीक बन चुके हैं। उनकी बीमारी ने न केवल भक्तों को बल्कि पूरे समाज को यह सिखाया है कि सच्चा अध्यात्म केवल पूजा-पाठ में नहीं, बल्कि दूसरों के दुख को समझने और प्रेम बांटने में है।
हर दिन करोड़ों लोग उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थना कर रहे हैं, और विश्वास है कि उनकी भक्ति-शक्ति उन्हें फिर से स्वस्थ जीवन की ओर ले जाएगी।
“भक्ति वही है जो कष्ट में भी मुस्कान दे, और विश्वास वही है जो कठिनाई में भी टूटे नहीं।” – Premanand Maharaj Ji
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