BJP का आरोप है कि Ladakh में हुई हिंसा के पीछे Congress और खास तौर पर councillor Stanzin Tsepang का हाथ है, जिन पर बांग्लादेश जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया है।
Ladakh में statehood और Sixth Schedule की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अचानक हिंसक हो गया। इस हिंसा में 4 लोगों की मौत हुई और 80 से ज्यादा लोग घायल हो गए, जिनमें 40 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। घटना के बाद Politics भी तेज हो गई है।
BJP ने आरोप लगाया है कि इस पूरे मामले के पीछे Congress Councillor Stanzin Tsepang का हाथ है। वहीं, जाने-माने environmental activist Sonam Wangchuk ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि Congress के पास इतनी ताकत नहीं है कि वह हजारों युवाओं को सड़कों पर उतार सके।
BJP का आरोप: “Weapon in his hand”

दिल्ली में हुई press conference में BJP spokesperson Sambit Patra ने कहा कि बुधवार को हुए Ladakh के Gen Z Protest को Congress का आंदोलन बताने की कोशिश की गई। उनका दावा है कि असल में यह युवाओं का spontaneous आंदोलन नहीं, बल्कि Congress की “साजिश” थी।
- Patra ने कहा कि Stanzin Tsepang, जो Upper Leh ward के Councillor हैं, उन्हें हिंसा भड़काते हुए कई Videos और Photos में देखा गया है। एक वीडियो में तो वे कथित तौर पर “weapon in his hand” लिए हुए भीड़ को BJP office की तरफ ले जाते दिख रहे हैं।
BJP नेताओं का कहना है कि यह हिंसा सोची-समझी चाल का हिस्सा है ताकि Ladakh को अस्थिर कर देशभर में अशांति फैलाई जा सके। Party ने इस आंदोलन को Bangladesh, Nepal और Philippines जैसी स्थितियां पैदा करने की साजिश बताया।
Situation of Violence
स्थानीय पुलिस के अनुसार, protesters ने stone pelting की और सुरक्षाबलों को रोकने की कोशिश की। हालात इतने बिगड़े कि भीड़ ने एक paramilitary vehicle और BJP के स्थानीय दफ्तर में आग लगा दी। पुलिस को मजबूर होकर bullets और tear gas का इस्तेमाल करना पड़ा। इस झड़प में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए और बाद में 4 लोगों की मौत हो गई।

Ladakh के Lt Governor Kavinder Gupta ने कहा कि यह सब एक सोची-समझी साजिश है और इसमें शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी।
BJP Directly Targets Rahul Gandhi
Sambit Patra ने इस पूरे विवाद को Rahul Gandhi और Congress की राजनीति से जोड़ते हुए कहा कि विपक्ष जनता का भरोसा जीतने में नाकाम है, इसलिए ऐसे आंदोलन और हिंसा को बढ़ावा दे रहा है।
उन्होंने कहा – “यह Rahul Gandhi की साजिश है, जो George Soros के साथ मिलकर देश तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। Congress बार-बार युवाओं को भड़काती है ताकि देश में Bangladesh और Nepal जैसे हालात बनाए जा सकें।”
इसी बीच BJP IT Cell head Amit Malviya ने भी Social Media पर एक तस्वीर share की, जिसमें कथित तौर पर Councillor Tsepang हिंसा में शामिल दिख रहे हैं।
Statement by Sonam Wangchuk
हालांकि, इस पूरे मामले पर Ladakh के प्रसिद्ध कार्यकर्ता Sonam Wangchuk की राय बिल्कुल अलग है। Wangchuk ने साफ कहा कि Congress के पास इतनी ताकत नहीं है कि वह 5,000 से ज्यादा youth को सड़कों पर उतार दे।
उनके मुताबिक, Councillor ने जरूर गुस्से में कुछ बयान दिया था क्योंकि उनके गांव के दो लोग हिंसा में घायल होकर अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि congress ने पूरे आंदोलन को भड़काया।
- उन्होंने यह भी बताया कि वह खुद 15 दिन की hunger strike पर थे और उन्होंने इसे तब खत्म किया जब हिंसा भड़क गई। Wangchuk ने हिंसा पर दुख जताते हुए कहा कि असल वजह युवाओं की बढ़ती निराशा और सरकार की चुप्पी है।

Gen Z’s disappointment
Wangchuk ने समझाया कि पिछले 5 सालों से Ladakh के लोग शांति से statehood और Sixth Schedule की मांग कर रहे थे, लेकिन केंद्र की ओर से ठोस आश्वासन नहीं मिला। Home Ministry ने 6 अक्टूबर को बातचीत का वादा किया था, लेकिन लोग मानते हैं कि यह सिर्फ समय टालने की कोशिश है।
इसी बीच जब हाल ही में दो लोग अस्पताल में भर्ती हुए, तो युवाओं में गुस्सा फूट पड़ा और हजारों लोग अचानक सड़कों पर आ गए। Wangchuk का कहना है कि यही गुस्सा हिंसा में बदल गया।
What is the result?
Ladakh की यह घटना साफ दिखाती है कि यहां के युवाओं में असंतोष गहराता जा रहा है। एक तरफ BJP इसे congress की साजिश बता रही है, वहीं दूसरी तरफ Wangchuk जैसे लोग इसे युवाओं की नाराज़गी मानते हैं।
अब यह देखना होगा कि केंद्र सरकार इस आंदोलन को सिर्फ विपक्ष की राजनीति मानती है या फिर युवाओं की वास्तविक मांगों को सुनने की कोशिश करती है।
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